SPECIAL TET पर संवैधानिक सवाल: क्या अलग शिक्षक पात्रता परीक्षा समानता के अधिकार का उल्लंघन होगी?
🔸NCTE ने TET को एक समान न्यूनतम योग्यता (minimum qualification) के रूप में निर्धारित किया है। यदि केवल कुछ शिक्षकों के लिए आसान या अलग TET कराया जाए तो समानता (Article 14) का प्रश्न उठ सकता है।
🔸पदोन्नति या नियुक्ति में समान अवसर (Article 16) प्रभावित होने का तर्क दिया जा सकता है।
🔸 यदि अलग TET का स्तर सामान्य TET से काफी अलग हो, तो गुणवत्ता और Article 21A के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य पर सवाल उठ सकते हैं।
पंजाब व हरियाणा कोर्ट ने लगाई विशेष TET पास शिक्षकों के प्रमोशन पर रोक
पंजाब सरकार ने जून 2026 में लगभग 2,500 ETT शिक्षकों को Master Cadre में पदोन्नत करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन इन पदोन्नतियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि जिन शिक्षकों को पदोन्नति दी जा रही है, उनमें से कई ने निर्धारित समय सीमा तक आवश्यक TET/PSTET योग्यता हासिल नहीं की थी।
विवाद का सबसे बड़ा कारण एक विशेष TET परीक्षा (PTET-1 और PTET-2) है, जो सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए आयोजित की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि:
- यह परीक्षा सामान्य TET से अलग तरीके से आयोजित की गई।
- इसमें लगभग 98% अभ्यर्थी पास हो गए, जिस पर सवाल उठे।
- इस परीक्षा के आधार पर पदोन्नति देना NCTE मानकों और कानूनी प्रावधानों के विपरीत हो सकता है।
हाईकोर्ट ने क्या किया?
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल:
- पदोन्नति आदेशों पर रोक लगा दी।
- पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया।
- सरकार से जवाब मांगा कि इन पदोन्नतियों का आधार क्या है और क्या विशेष TET कानूनी रूप से वैध है।
यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में भी "विभागीय विशेष TET" या किसी विशेष वर्ग के लिए अलग TET की चर्चा पर कानूनी विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं।
उनका तर्क है कि:
- NCTE ने पूरे देश के लिए एक समान TET व्यवस्था बनाई है।
- किसी विशेष वर्ग के लिए अलग TET आयोजित करने पर न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है।
- पहले भी "उर्दू विशेष TET" जैसे मामलों पर कानूनी विवाद हो चुके हैं।

0 Comments