शिक्षकों पर हर समय ऊंगली उठाने वालों के लिए विशेष खबर, एक बार अवश्य पढ़े

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 गाजीपुर: व्यक्तिगत शोक पर कर्तव्य को तरजीह देने का दुर्लभ उदाहरण सैदपुर विधानसभा के भाग संख्या 222 के बीएलओ लालधर सहाय ने पेश किया है। 22 नवंबर को उनकी 70 वर्षीय माता धनवती सहाय का बीमारी के चलते निधन हो गया। 23 नवंबर को दाह संस्कार संपन्न हुआ। परिवार पर दुख का पहाड़ टूटने के बावजूद शिक्षक लालधर सहाय ने लोकतंत्र के प्रति अपने दायित्व को सर्वोपरी रखते हुए वह फैसला लिया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। उन्होंने अपनी मां की तेरहवीं संस्कार की तिथि टाल दी। पांच को होने वाली तेरहवीं अब 13 दिसंबर को होगी।


मूल रूप से बहरियाबाद निवासी और परिषदीय विद्यालय रफीकपुर में शिक्षक लालधर सहाय परिवार संग सैदपुर में मकान बनवाकर रहते हैं, जबकि उनकी मां बड़े बेटे लालचंद के साथ गांव में रहती थीं। 22 नवंबर को बीमारी के चलते मां का निधन हो गया। जानकारी होने पर लालधर गांव पहुंचे और अगले दिन दाह संस्कार में शामिल हुए। दाह संस्कार के बाद घर लौटे और तुरंत ड्यूटी के लिए रवाना हो गए।

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