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स्थानांतरण सूची की गंभीर विसंगतियाँ – एक सच जो अनदेखा नहीं किया जा सकता!

 

स्थानांतरण सूची की गंभीर विसंगतियाँ – एक सच जो अनदेखा नहीं किया जा सकता!






  1. स्थानांतरण सूची में दोनों ही शासनादेशों (स्थानांतरण नीति व पूर्व आदेश) का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है।
  2. एकल व बंद विद्यालयों से शिक्षकों की तैनाती कर दी गई, जो शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशासनिक निर्देशों का सरासर उल्लंघन है। ट्रांफ़सर उपरांत बहुत से स्कूल बंद या एकल हो गए।
  3.  कई UPS विद्यालयों में एक ही विषय के एक से अधिक अध्यापक नियुक्त कर दिए गए हैं, जिससे अन्य विषयों की अनदेखी हुई है।
  4.  UPS के विकल्प फॉर्म में विषयवार चयन का कोई प्रावधान नहीं था, जिससे शिक्षकों को उचित विकल्प चुनने का अवसर ही नहीं मिला।
  5.  अनेक शिक्षकों को दिए गए विकल्पों में से कोई भी विद्यालय आवंटित नहीं किया गया, जबकि उनके द्वारा चुने गए विद्यालय आज भी रिक्त पड़े हैं।
  6. वरिष्ठता की पूरी तरह अनदेखी करते हुए कनिष्ठ शिक्षक को विद्यालय आवंटित कर दिया गया है, जो सेवा नियमों के विपरीत है।
  7. अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में ऐसे शिक्षकों को प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया है, जो न्यूनतम पात्रता (शैक्षणिक व भाषाई) भी पूर्ण नहीं करते — यह न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है।



अब समय है संगठित होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने का।









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