विद्यालयों में हुआ मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (MHM) क्लब का गठन, बेसिक के 66045 स्कूलों में पैड बैंक भी लगाए गए

विद्यालयों में हुआ मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (MHM) क्लब का गठन, बेसिक के 66045 स्कूलों में पैड बैंक भी लगाए गए


विद्यालयों में हुआ मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (MHM) क्लब का गठन, बेसिक के 66045 स्कूलों में पैड बैंक भी लगाए गए

प्रदेश के विद्यालयों में बेटियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है। इस क्रम में मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) से जुड़ी व्यवस्था को जागरूकता से बेहतर किया जा रहा है। इसके तहत अब तक प्रदेश में अब तक 68358 विद्यालयों में एमएचएम क्लब का गठन किया गया है।

इसके साथ ही 66045 विद्यालयों में पैड बैंक स्थापित किया गया। 63633 विद्यालयों में जागरूकता सत्र और 63928 में शिक्षकों के साथ एमएचएम के बिंदुओं पर चर्चा की गई है। इस प्रक्रिया को और गति देने के लिए 13-14 अगस्त को राज्य परियोजना कार्यालय में 209 मास्टर ट्रेनर की कार्यशालाएं आयोजित की गई थी।
विद्यालयों में हुआ मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (MHM) क्लब का गठन, बेसिक के 66045 स्कूलों में पैड बैंक भी लगाए गए


इसके बाद 9 से 25 सितंबर के बीच प्रदेश के 450 मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण पूरा हुआ। इससे विद्यालय स्तर पर मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी जानकारी और गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि इससे विद्यालयों में मासिक धर्म को लेकर झिझक और संकोच दूर करने में सहयोग मिलेगा। इसका असर विद्यालय स्तर पर दिखाई भी दे रहा है।

उन्होंने कहा कि एमएचएम व्यवस्था को सिर्फ सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता तक सीमित नहीं रखा गया है। विद्यालयों में छात्राओं को जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के साथ जागरूकता गतिविधियों को भी नियमित रूप दिया जा रहा है। शनिवार को मीना मंच के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपातकालीन सहायता नंबरों से संबंधित सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं।


पाठ्यक्रम में भी किया गया शामिल : मासिक धर्म स्वच्छता को विद्यालयी शिक्षा की नियमित गतिविधियों से जोड़ने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से भी पहल की गई है। पाठ्यक्रम में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन संबंधी जागरूकता की विषयवस्तु शामिल की गई है। इससे छात्राओं के साथ-साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच मासिक धर्म से जुड़े विषयों पर सहज संवाद का वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
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