SIR 2026 : SIR में सुनवाई 27 तक 10 अप्रैल को अंतिम सूची

SIR 2026 : SIR में सुनवाई 27 तक 10 अप्रैल को अंतिम सूची


मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि छह जनवरी को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के कारणयुक्त आदेश के बिना नहीं हटाया जाएगा। अब तक 3.26 करोड़ लोगों को नोटिस दी जानी है, जिनमें 3.06 करोड़ को यह पहुंचा दी गई है। नोटिस पाने वाले 2.80 करोड़ लोगों की सुनवाई कर उन्हें मतदाता बने रहने की हरी झंडी दे दी गई है। बाकी मामलों की सुनवाई 27 मार्च तक की जाएगी। शनिवार को लोक भवन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे हैं, जबकि 2.22 करोड़ मतदाताओं के मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं।

अभी यूपी की ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.55 करोड़ लोगों के नाम हैं। नोटिसों पर सुनवाई के बाद 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया किप्रदेश भर में 5,621 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है। नो-मैपिंग वाले मामलों में लोगों को सुविधा देने के लिए उनके घर के पास सुनवाई की व्यवस्था की गई है। यदि संबंधित व्यक्ति स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता, तो उसके परिवार के सदस्य या रिश्तेदार भी आवश्यक दस्तावेज लेकर सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। 

तार्किक विसंगति वाले मामलों में बीएलओ घर-घर जाकर बीएलओ एप के माध्यम से सुनवाई कर रहे हैं। 4540 प्रवासी भारतीयों ने मतदाता बनने के लिए फार्म-छह ए भरे हैं। एसआइआर की प्रक्रिया 27 अक्तूबर से शुरू होने से लेकर छह मार्च तक मतदाता बनने को कुल 86.69 लाख फार्म-छह भरे गए। इनमें 43.62 लाख महिलाएं, 43.06 लाख पुरुष व 386 ट्रांसजेंडर हैं। सीईओ के अनुसार मतदाता सूची से लोगों के नाम काटने के लिए अभी तक 3.18 लाख फार्म-सात भरे जा चुके हैं। अभी तक 44952 के नाम काटे गए, जिनमें 10014 नाम लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होने से कटे हैं। दूसरों की शिकायत पर 7820 नाम ही कटे हैं।

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